नई दिल्ली: मणिपुर में सरकार गठन को लेकर चल रही गहमागहमी के बीच, कुकी जो काउंसिल (KZC) और इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) ने बुधवार को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239A के तहत ‘विधायिका के साथ केंद्र शासित प्रदेश’ के रूप में एक अलग प्रशासन की अपनी मांग को फिर से दोहराया है. कुकी-जो काउंसिल के अध्यक्ष हेनलियनथांग थांगलेट ने गृह मंत्री अमित शाह को एक ज्ञापन सौंपा है.
ज्ञापन में कहा गया है- “भारत सरकार इस बात से पूरी तरह वाकिफ है कि कुकी-जो समुदाय के लोग न तो इंफाल वापस जा सकते हैं और न ही संघर्ष से पहले जैसी स्थिति को स्वीकार करेंगे. इसलिए, हम केंद्रीय गृह मंत्री से विनम्र अपील करते हैं कि वे इन शिकायतों का अत्यंत गंभीरता से संज्ञान लें. हम चाहते हैं कि केंद्र सरकार अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए हमारे अधिकृत प्रतिनिधियों (KNO और UPF) के साथ राजनीतिक बातचीत तेज करे, ताकि जल्द ही एक उचित और संवैधानिक राजनीतिक समाधान निकाला जा सके.”
थांगलेट ने गृह मंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में जिसकी एक प्रति ETV Bharat के पास उपलब्ध है, कहा कि पिछले लगभ