तेहरान। ईरान के सभी 31 प्रांतों और लगभग 180 शहरों में अयातुल्ला खामेनेई के शासन के खिलाफ भड़का जनाक्रोश अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। राजधानी तेहरान समेत देश के कोने-कोने में प्रदर्शनकारी बेकाबू हो चुके हैं और स्थिति केवल सड़कों पर विरोध तक सीमित नहीं रही, बल्कि अब शासन के भीतर भी बगावत के सुर उठने लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय दबाव और अमेरिका की ओर से मिल रही लगातार धमकियों के बीच, सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अपनी सत्ता बचाने के लिए देश के गुप्त सैन्य संसाधनों को सक्रिय कर दिया है।
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने अपनी रहस्यमयी मिसाइल सिटीज यानी जमीन के भीतर बने उन विशाल सैन्य ठिकानों को अलर्ट पर रखा है, जहां लंबी दूरी तक मार करने वाली घातक मिसाइलों का जखीरा मौजूद है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस समय पिछले वर्ष हुए युद्धों से भी अधिक उच्च स्तर की सैन्य तैयारी में है। देश के आंतरिक हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और सेना के कुछ हिस्सों में हो रही बगावत को देखते हुए खामेनेई ने अपने सबसे वफादार दस्ते इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स को सड़कों पर उतार दिया है।