वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का ग्रीनलैंड (Greenland) में इंटरेस्ट एक बार फिर जाग गया है और वह इस नॉर्डिक देश (Nordic countries) पर कब्जा करने की बात करने लगे हैं। वहीं डोनाल्ड ट्रंप की बयानबाजी से डेनमार्क और ग्रीनलैंड समेत लगभग सारे ही नॉर्डिक और स्कैंडिनेवियाई देश भड़क गए हैं। नॉर्डिक देशों में नॉर्वे, स्वीडन, ग्रीनलैंड, फिनलैंड, डेनमार्क हैं। नॉर्डिक का अर्थ ही उत्तर होता है। अमेरिका और नॉर्डिक देशों का टकरवा कोई नया नहीं है। इसके पीछे की कहानी 1 हजार साल पहले ही शुरू होती है। कोलंबस से पहले भी नॉर्डिक देशों के लोगों ने अमेरिका महाद्वीप पर कदम रखा था और वह यही जमीन थी जहां आज कनाडा है।
इन देशों के लोगों को वाइकिंग कहा जाता था और ये बेहद खोजी और बहादुर हुआ करते थे। समंदर पर इनका राज था। इनमें से कई गुट लुटेरों के भी थे। वाइकिंग का काम ही यही था कि वे समंदर के रास्ते जमीन को ढूंढते थे और वहां रहने वाले लोगों को लूट लेते थे। वे कोशिश करते थे कि वहां वे स्थायी कब्जा कर लें। हालांकि अगर वहां बसने में कोई लाभ नहीं दिखता था तो वे बहुमूल्य चीजें लेकर चलते बनते थे।
ये वाइकिंग स्कैंडिनेवियाई भूमि (डेनमार्क, स्वीडन, नॉर्वे) के रहने वाले लोगों ने ही ग्रीनलैंड की भी खोज की थी और यहां बस गए थे। वर्तमान समय में नॉर्डिक देश सांस्कृतिक रूप से एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और संकट आने पर एकजुट भी हो जाते हैं। नॉर्डिक देशों का कहना है कि अमेरिका को नाटो से बाहर कर देना चाहिए। ऐसे में जानकारों का कहना है कि उत्तरी भूमि से एक बार फि वाइकिंग्स की शुरुआत हो रही है।