हैदराबाद: जब पति और पत्नी दोनों नौकरीपेशा हों, तो महिला के द्वारा खाना न बनाना या अपनी सास (पति की मां) की मदद न करना क्रूरता नहीं माना जा सकता, और इस आधार पर तलाक नहीं दिया जा सकता. तेलंगाना हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया.
क्या है मामला
हैदराबाद के एलबी नगर के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर क्रूरता का आरोप लगाते हुए शादी रद्द करने की याचिका दायर की थी. निचली अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उसने हाई कोर्ट में अपील की. जस्टिस मौशमी भट्टाचार्य और जस्टिस नागेश भीमापका की खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की और अपील को खारिज करते हुए अपना फैसला सुनाया.