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बड़ी खुशखबरी: गोड्डा बनेगा शिक्षा का नया हब! झारखंड के दूसरे सैनिक स्कूल को राज्यपाल की हरी झंडी, जानें कब से शुरू होंगे एडमिशन

बड़ी खुशखबरी: गोड्डा बनेगा शिक्षा का नया हब! झारखंड के दूसरे सैनिक स्कूल को राज्यपाल की हरी झंडी, जानें कब से शुरू होंगे एडमिशन

गोड्डा : राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की अध्यक्षता में लोक भवन में सैनिक कल्याण निदेशालय की 17वीं प्रबंध समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में पूर्व सैनिकों और शहीदों के परिजनों के कल्याण से जुड़े कई अहम निर्णयों और प्रस्तावों पर चर्चा हुई. राज्यपाल ने स्पष्ट कहा कि पूर्व सैनिकों और शहीदों के आश्रितों के हितों की रक्षा राज्य की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इससे जुड़े सभी मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए.

बैठक के दौरान राज्यपाल ने दीपाटोली स्थित झारखंड युद्ध स्मारक को एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया. इसके साथ ही उन्होंने परमवीर चक्र से सम्मानित शहीद लांस नायक अल्बर्ट एक्का के पैतृक गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किए जाने पर जोर दिया और जल्द ही वहां भ्रमण करने की इच्छा भी जताई.

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि वे राज्यहित से जुड़े किसी भी सुझाव के लिए हमेशा उपलब्ध हैं. उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की एक विशिष्ट और प्रेरणादायी पहचान स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास होने चाहिए. बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि इसी क्षेत्र से केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री आते हैं, ऐसे में रक्षा और सैनिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को उनके समक्ष भी रखा जा सकता है.

बैठक में राज्य में एक और सैनिक स्कूल खोलने के प्रस्ताव पर गंभीर मंथन किया गया. सैनिक कल्याण निदेशालय ने गोड्डा में सैनिक स्कूल स्थापित करने का प्रस्ताव रखा, जिस पर सकारात्मक विचार किया गया. इसके अलावा देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के आश्रितों को दी जाने वाली सहायता राशि बढ़ाने को लेकर भी विमर्श हुआ.

राज्यपाल ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य से सेवा समाप्त कर लौटे अग्निवीरों की संख्या का आकलन किया जाए और उन्हें राज्य पुलिस बल समेत अन्य सुरक्षा और सेवा क्षेत्रों में अवसर उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि जब सैनिक अवकाश पर राज्य में हों, तो उनके लंबित निजी या प्रशासनिक कार्यों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित किया जाए.

बैठक में जनजातीय समुदायों में सैन्य सेवा के प्रति बढ़ती रुचि का उल्लेख करते हुए उनके लिए समर्पित प्रशिक्षण केंद्र खोलने के सुझाव पर भी चर्चा की गई. साथ ही, दशकों पुराने सैनिक मार्केट और सैनिक थिएटर के पुनर्निर्माण के लिए जुडको के सहयोग से कार्य कराने और झारखंड में ईएसएम कॉर्पोरेशन फंड को अधिक प्रभावी बनाने पर भी विचार किया गया.

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