ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के साथ 88 घंटे की जंग के विश्लेषण के बाद सेना ने अहम बदलावों की रूपरेखा तैयार की

ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के साथ 88 घंटे की जंग के विश्लेषण के बाद सेना ने अहम बदलावों की रूपरेखा तैयार की

ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के साथ 88 घंटे की जंग के विश्लेषण के बाद सेना ने अहम बदलावों की रूपरेखा तैयार की है। सेना ने इसे तीन हिस्सों अल्पकालिक (शॉर्ट टर्म), मध्यकालिक (मीडियम टर्म) और दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) रण​नीति में बांटा है।

अल्पकालिक रणनीति के तहत 2026 का स्पष्ट रोडमैप बनाया गया है। सेना के सूत्रों ने बताया कि इस साल पूरा जोर हथियार हासिल करने की बजाए युद्ध के पूरे वातावरण की त्वरित जानकारी, नेटवर्क और तेज फैसलों पर केंद्रित रहेगा जो ऑपरेशन सिंदूर का अहम सबक है।

सेना ने साल 2026 को ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी’ और 2027 में ऑपरेशंस के एआई से पूर्ण इंटीग्रेशन के रूप में मनाने का फैसला किया है। इस प्रक्रिया से जुड़े शीर्ष अधिकारी ने बताया कि यह फैसला सेना की लंबे समय से चल रही परिवर्तन योजना का अगला कदम है।

सेना ने साल 2023 से 2032 को परिवर्तन का दशक घोषित किया है। इसके तहत 2023 में संगठन, सोच और काम करने के तरीकों में सुधार 2024 को ‘तकनीक आत्मसात’ और 2025 में जमीनी स्तर पर बदलाव का रोडमैप अपनाया गया है।

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