शाहिद कपूर के बच्चों के साथ कैसा है नीलिमा अजीम का रिश्ता? पोते-पोती को इन खास नामों से बुलाती हैं ‘दादीजान’

शाहिद कपूर के बच्चों के साथ कैसा है नीलिमा अजीम का रिश्ता? पोते-पोती को इन खास नामों से बुलाती हैं ‘दादीजान’

अभिनेता शहीद कपूर की मां और पूर्व अभिनेत्री नीलिमा अजीम ने अपने पोते-पोती यानी शाहिद और मीरा के बच्चों को लेकर बात की। नीलिमा ने बताया कि उनका शाहिद के बच्चों जैन और मिशा के साथ काफी अच्छी बॉन्डिंग है। एक्ट्रेस ने साझा किया कि उनके पोते-पोती ने उनकी जिंदगी को खुशियों से भर दिया है। उन्होंने ये भी बताया कि वो उन्हें किस नाम से बुलाती हैं। जानिए एक्ट्रेस ने शाहिद-मीरा और बच्चों को लेकर और क्या कुछ बताया…

दादीजान बोलकर कर देते हैं खुश

विक्की लालवानी के साथ बातचीत के दौरान नीलिमा अजीम ने पोते-पोतियों को लेकर कहा कि मेरा उनके साथ बहुत गहरा और खूबसूरत रिश्ता बन गया है। वो हमारी जिंदगी के इंद्रधनुष हैं और चांदनी भी वही हैं और सूरज भी वही हैं। जब आपके बच्चे बड़े हो जाते हैं, दुनिया में कदम रखते हैं और आपसे दूर चले जाते हैं, तो एक तरह का खालीपन महसूस होता है। चूंकि मैं परिवार को बहुत महत्व देती थी, इसलिए मेरे लिए यह काफी मुश्किल था। लेकिन मेरे पोते-पोतियों की वजह से मेरी भावनाएं खुशी से भर गईं। वे मुझे दादी कहते हैं, लेकिन मुझे अच्छा लगता है जब वे मुझे दादीजान कहते हैं। कभी-कभी, जब वे मुझे खुश करना चाहते हैं, तो वे मुझे दादीजान कहते हैं।

वो मेरे साथ काफी मस्ती करते हैं

नीलिमा अजीम ने बताया कि वह प्यार से मीशा को ‘जान बताशा’ और जैन को ‘जान बाबूशाह’ कहकर बुलाती हैं। इसके अलावा वो उन्हें प्यार से मिशकी और जी भी कहती हैं। जब दोनों छोटे थे तब मैंने उनके साथ काफी समय बिताया। क्योंकि उस वक्त शाहिद और मीरा दोनों ही काम पर रहते थे और ट्रैवल करते थे। जैन के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं उसे एक बेहद आकर्षक नौजवान के रूप में देखती हूं। वह बहुत प्यारा, प्यार करने वाला और बेहद भावुक है, लेकिन साथ ही बहुत सुंदर और अट्रेक्टिव भी है। उसकी एक झलक शाहिद की तरह है, लेकिन उसमें मीरा के भी कुछ गुण हैं। लोग कहते हैं कि मीशा मुझसे मिलती-जुलती है। मीरा और शाहिद भी यही कहते हैं। मैं एक फनी दादी हूं और वे मेरे साथ खूब मस्ती करते हैं। हालांकि, मौजूदा वक्त में व्यस्तताओं के कारण कम मिल पाने के दर्द को भी नीलिमा ने जाहिर किया। उन्होंने कहा कि अब जैन और मीशा व्यस्त रहते हैं, इसलिए वीडियो कॉल कम करते हैं। लेकिन हमारा जुड़ाव अभी भी उतना ही गहरा है। जैन और मीशा दोनों ही काफी टैलेंटेड हैं, जो सीखने और जानने के लिए उत्सुक हैं। उन्हें आर्ट और खेल दोनों में रुचि है। जैन को क्रिकेट खेलना पसंद है, जबकि मीशा को फुटबॉल पसंद है। इसके अलावा दोनों ही अच्छे लेखक और वक्ता हैं।

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