साल 2025 का आखिरी दिन वोडाफोन-आइडिया (Vi) के लाखों सब्सक्राइबर्स और निवेशकों के लिए बेहद अहम साबित हुआ | सरकार ने देश की तीसरी सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी को डूबने से बचाने के लिए एक बड़ा और निर्णायक फैसला लिया है. केंद्रीय कैबिनेट ने वोडाफोन-आइडिया के पुराने एजीआर (AGR) बकाये पर ‘फुल स्टॉप’ लगा दिया है. हालांकि, यह राहत है या सिर्फ फौरी तौर पर दी गई ऑक्सीजन, इसे समझना हर मोबाइल यूजर और निवेशक के लिए जरूरी है |
कर्ज का मीटर फ्रीज, 5 साल तक नो टेंशन?
सरकार के ताजा फैसले के मुताबिक, वोडाफोन-आइडिया (idea share price) के सिर पर लटके एजीआर बकाये को 87,695 करोड़ रुपये पर स्थिर (Freeze) कर दिया गया है. अगले पांच साल तक कंपनी को यह पैसा चुकाने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी. सरकार ने इसे पांच साल का ‘मोरेटोरियम’ दिया है. इसका सीधा मतलब है कि कर्ज भुगतान की शुरुआत अब वित्त वर्ष 2032 से होगी और कंपनी के पास इसे चुकाने के लिए 2041 तक का वक्त होगा | यह फैसला कंपनी के बिगड़े हुए कैश फ्लो को सुधारने के लिए किसी लाइफलाइन से कम नहीं है, क्योंकि अब ब्याज और पेनाल्टी का मीटर फिलहाल के लिए रुक गया है |