प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज विश्व के उन शीर्ष नेताओं में शुमार हैं, जिनकी एक झलक पाने के लिए दुनिया बेताब रहती है. उनके पहनावे, भाषण और उनकी जीवनशैली पर वैश्विक मीडिया की नजर रहती है. लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि दशकों से उनकी दाहिनी कलाई पर एक मामूली सा ‘काला धागा’ (Black Thread) बंधा रहता है? करोड़ों की घड़ी या महंगे आभूषणों के बजाय, विश्व के सर्वाधिक प्रभावशाली और लोकप्रिय नेताओं में से एक होने के बावजूद मोदी इस धागे को इतनी अहमियत क्यों देते हैं? इसके पीछे का रहस्य और आध्यात्मिक तथ्य आपको भी सोचने पर मजबूर कर देगा.
अंबा माता का वो ‘सिद्ध’ आशीर्वाद, वडनगर से दिल्ली तक का सफर
इस रहस्य की पहली कड़ी प्रधानमंत्री मोदी के जन्मस्थान वडनगर (गुजरात) से जुड़ती है. यहां स्थित मां अंबा (मां वाराही) का मंदिर मोदी परिवार की गहरी आस्था का केंद्र है. प्रधानमंत्री मोदी बचपन से ही मां शक्ति के अनन्य उपासक रहे हैं. धार्मिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई साधारण धागा नहीं है. इसे विशेष तिथियों पर, खासकर नवरात्रि के दौरान, अत्यंत गोपनीय मंत्रों के साथ ‘अभिमंत्रित’ किया जाता है. माना जाता है कि यह धागा सीधे मां शक्ति की ऊर्जा का संवाहक है. मोदी इसे एक ‘प्रसाद’ और ‘रक्षा कवच’ के रूप में पहनते हैं. यह धागा उनकी सांस्कृतिक जड़ों और उस शक्ति के प्रति समर्पण का प्रतीक है.
ऊर्जा संरक्षण का विज्ञान: काला रंग और ‘Aura’ की सुरक्षा
अक्सर लोग इसे केवल ‘अंधविश्वास’ मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन प्राचीन भारतीय ग्रंथों और आधुनिक मनोविज्ञान में रंगों का विशेष महत्व बताया गया है- नकारात्मक ऊर्जा: भौतिक विज्ञान के अनुसार काला रंग ऊष्मा और प्रकाश का सबसे बड़ा अवशोषक (Absorber) है. आध्यात्मिक दृष्टि से माना जाता है कि काला रंग बाहरी दुनिया की नकारात्मक तरंगों और ‘नजर दोष’ को सोख लेता है. आभामंडल (Aura) की सुरक्षा: प्रधानमंत्री हर दिन लाखों लोगों के संपर्क में आते हैं. तंत्र शास्त्र के अनुसार, यह काला धागा व्यक्ति के आभामंडल को सुरक्षित रखता है, जिससे मानसिक एकाग्रता भंग नहीं होती.