नई दिल्ली: सुबह चांदी ने निवेशकों को चमकदार रिकॉर्ड दिखाया, लेकिन यह चमक ज्यादा देर टिक नहीं पाई. घरेलू और वैश्विक बाजार में कीमतों का तेज उतार-चढ़ाव आम खरीदार से लेकर बड़े निवेशकों तक, सभी के लिए चर्चा का विषय बन गया. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी 80 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंची थी, जिसे मजबूत मांग का संकेत माना गया. लेकिन अचानक आई बिकवाली ने भाव 75 डॉलर से नीचे धकेल दिए.
भू-राजनीतिक तनाव कम होने की खबरों ने Safe-Haven निवेश की धार कुंद कर दी. इसका असर सीधे MCX पर दिखा, जहां कीमतें देखते-देखते नीचे आ गईं. यह गिरावट उन परिवारों को भी प्रभावित करती है जो गहनों को बचत और सुरक्षा के रूप में देखते हैं. विशेषज्ञ कह रहे हैं कि यह दौर अवसर के साथ जोखिम की याद भी दिलाता है.