इस्लामाबाद।पाकिस्तान की राजनीति में इन दिनों एक बड़ा भूचाल आया हुआ है। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम (फजल) के अध्यक्ष मौलाना फजलुर रहमान द्वारा अपनी ही सेना और सरकार के खिलाफ दिए गए कड़े बयानों ने शहबाज शरीफ सरकार और सेना प्रमुख आसिम मुनीर को रक्षात्मक मुद्रा में ला खड़ा किया है। कराची के ल्यारी में आयोजित एक जनसभा में मौलाना फजलुर रहमान ने सीधे तौर पर पाकिस्तान की सैन्य रणनीति और अफगानिस्तान के प्रति उसके दृष्टिकोण पर तीखे सवाल पूछे हैं। उनके इन सवालों ने न केवल देश के भीतर सनसनी फैला दी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की स्थिति को और अधिक असहज कर दिया है।मौलाना फजलुर रहमान ने पाकिस्तानी जनरलों और हुक्मरानों से दो टूक पूछा कि यदि पाकिस्तान काबुल पर अपने हमलों को जायज मानता है, तो वह भारत द्वारा मुरीदके और बहावलपुर पर की गई स्ट्राइक को गलत कैसे ठहरा सकता है।